मर्दों से ज्यादा दिमाग औरतों का होता है?

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क्या आप जानते है? बड़े हो या बूढ़े बच्चे हो या जवान सबको ऐसा ही लगता है कि दिमाग को समझना काफी पेचीदा काम है। लेकिन यह छोटा सा दिमाग हमें कंट्रोल करता है। भूख से लेकर हर तरह की छांव तक सब कुछ दिमाग का हीं खेल है। और,
  • औरतों का दिमाग  पुरुषों के दिमाग से अलग चलता है। लेकिन कैसे ?
यह सवाल चौंकाने वाली है खासकर की मर्दों को  तो चलिए जानते हैं। की दोनों  इंसानों ही हरकतों में आखिर इतना फर्क क्यों? समाज में महिलाओं और पुरुषों की कुछ निश्चित भूमिकाएं हमारी संस्कृति में गहराई तक जमी हुई है।
लेकिन सचमुच औरतें रति और मर्द युद्ध के लिए दोनों के गुण और क्षमताएं काफी अलग  है। दोनों की शारीरिक संरचना में कुछ बुनियादी फर्क है लेकिन क्या औरत और मर्द सचमुच  बहुत अलग सोचते और महसूस करते हैं। दोनों  की लिंगों के बारे में जो लोग सोचते हैं उसे क्या आधुनिक न्यूरोलॉजिकल   विज्ञान साबित कर सकती हैं यूनिकेयर हेल्थ रिसर्च सेंटर में वैज्ञानिक दिमाग की संरचना पर रिसर्च कर रहे हैं। एक बिल्कुल नई प्रक्रिया का इस्तेमाल कर वे दान में मिले दिमाग की Slice तैयार कर रही हैं ताकि उसमें नसों के मार्ग और उसकी संरचना को  समझा जा सके। पुरुष और महिला के दिमाग में एक बुनियादी फर्क तो बहुत आम है।
  2013 की एक रिसर्च में एक और फर्क की खोज हुई। इसमें  देखा गया कि दिमाग के बाएं और दाएं हिस्से में सूचनाओं का प्रवाह महिलाओं में ज्यादा है। जबकि पुरुषों के दिमाग में आगे और पीछे के हिस्से में संपर्क मजबूत है। इससे लिंग आधारित खास क्षमता का पता चलता है। जैसे कि महिलाओं में ज्यादा संवेदना और पुरुषों में धान काम है। हाल के कुछ और शोध बताते हैं कि बुनियादी रूप से अलग होने की बजाय हमारा दिमाग नर और नारी हिस्सों से मिलकर बना है। क्या पुरुष और स्त्री के बीच प्रमुख अंतर और उनके ज्ञान से जुड़ी संस्थाओं को दिखाने के लिए वैज्ञानिक शोध हो चुके हैं।
इनके नतीजे बताते हैं कि व्यावहारिक रूप से कोई फर्क नहीं है। हम लोगों में से ज्यादा समानताएं हैं तो हमारे में फर्क अर्जित किया गया है। या फिर यह हमारे पालन-पोषण से आया है यह जरूरी नहीं है की   दिमाग की नदियों के सबसे पुराने हिस्से में शारीरिक फर्क बहुत गहराई तक है। कुछ मिलीमीटर(mm) ही दिमाग का नियंत्रण केंद्र धारियों में बड़ा होता है।
  लेकिन पुरुषों में यह 2 गुना बड़ा होता है प्रभुत्व योग्यता और कामवासना को नियंत्रित करता है पुरुषों में यह जुड़े होते हैं। उदाहरण के लिए पुरुषों में रिश्तो से बाहर जाकर अनायास सेक्स करने की इच्छा महिलाओं की तुलना में ज्यादा होती है। पुरुष शारीरिक रूप से ज्यादा उग्र भी होते हैं। जब हम कहते हैं कि पुरुष जानवर जैसा  होता  है तो यह इसके पीछे एक न्यूरोबायोलॉजिकल आधार होता है क्या इस तरह की सहज प्रवृत्ति हमारा व्यवहार तय करती है बहुत से रिसर्च और इस पर संदेह करते हैं बहुत से मामलों में पुरुष और महिलाएं एक ही लक्ष्य को हासिल करने के लिए अलग रणनीति अपनाते हैं

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