गुजरात का कच्छ जहां अकेले आकर भी नहीं हो सकते हैं बोर

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कच्छ, गुजरात का एक जिला है जो अपनी खूबसूरती के साथ-साथ वाइल्डलाइफ रिजर्व, ऐतिहासिक और दर्शनीय जगहों के लिए टूरिस्टों के बीच काफी लोकप्रिय और आकर्षण का केन्द है।अगर आप अकेले घूमने जाने का प्लान बना रहे हैं तो कच्छ बेहतरीन ट्रैवल डेस्टिनेशन है जहां आप अकेले होने के बावजूद भी बिल्कुल बोर नहीं होंगे। दूर-दूर तक फैली सफेद रेत की चादर ओढ़े इस जगह की खूबसूरती को शब्दों में बयां कर पाना थोड़ा सी मुश्किल है। यहां हर साल सर्दियों में रण उत्सव का आयोजन किया जाता है। जिसका एक्सपीरियंस बहुत ही अलग और खास होता है। तो देर किस बात की आप भी आये और आनद उठाये, इस बार छुट्टियों में निकल जाएं अकेले कच्छ के सुहाने सफर पर देश विदेश से भी लोग यहाँ आते है और एन्जॉय करते है !

आइना महल

जैसा कि आपको नाम से ही अंदाजा लग गया होगा आइना महल मतलब शीशों से सजा हुआ महल, जिसे सन् 1761 में लखपति जी ने बनवाया था। इंडो-यूरोपियन स्टाइल में यह महल सफेद संगमरमर से बना है जिसे शीशे से ढ़का गया है इसलिए इसे आइना महल के नाम दिया गया है। साल 2001 में आए भूकंप से महल का बेडरूम, म्यूज़िक और दरबार बर्बाद हो गए थे जिन्हें बाद में म्यूज़ियम का रूप दे दिया गया।

व्हाइट डेजर्ट

ये दुनिया का सबसे बड़ा सॉल्ट डेजर्ट है। सर्दियों में यहां रण फेस्टिवल मनाया जाता है। उस दौरान यहां रंगा-रंग कार्यक्रम होते हैं जिसे देखने दुनियाभर से लोग आते और एन्जॉय करते हैं। लेकिन आप अकेले आकर भी यहां सुकून के पल बिताने के साथ जमकर मस्ती और एन्जॉय कर सकते हैं।

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मांडवी बीच
आम बीच से अलग मांडवी बीच काफी साफ-सुथरा है और इसी वजह से ये यहां के पॉप्युलर डेस्टिनेशन में शामिल है। इस बीच पर कई सारी बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग भी हो चुकी है।कच्छ का अलग ही मजा है !

प्राग महल

कच्छ घूमने आएं तो प्राग महल की खूबसूरती को भी एक्सप्लोर करना न भूलें वहा बहुत ही अलग देखने को मिलेगा । कच्छ और इटेलियन आर्टिस्टों द्वारा बनाया गया ये महल बहुत ही अद्भुत है।

धौलावीरा
हड़प्पा और लोथल के बाद धौलावीरा आकर आप देश की पुरानी सभ्यता को बखूबी से देख और समझ सकते हैं।

कच्छ म्यूज़ियम

गुजरात के पुराने संग्रहालयों में से एक है कच्छ म्यूज़ियम। भुज के हमीरसर झील के किनारे बने इस म्यूज़ियम में महाराव खेनगारजी के शादी में देश-विदेश से मिले उपहार देखने को मिलते हैं।

 

कब जाएं
कच्छ घूमने के लिए सर्दियों का मौसम बेहतरीन होता है। तो अक्टूबर से लेकर फरवरी तक कभी भी यहां आने का प्लान किया जा सकता है। वैसे मानसून के दौरान भी यहां का नजारा बहुत ही खूबसूरत होता है। गर्मियों में यहां का प्लान बिल्कुल भी न बनाएं क्योंकि उस समय यहां का तापमान 50 डिग्री तक भी पहुंचता है।आप जब भी कच्छ घूमने आए अक्टूबर से लेकर फरवरी के बिच ही आये !

कैसे पहुंचे
हवाई मार्ग- यहां तक पहुंचने के लिए आप भुज तक की फ्लाइट बुक कर सकते हैं। भुज के लिए लगभग सभी बड़े शहरों से आसानी से फ्लाइट्स अवेलेबल हैं। भुज से कच्छ तक की दूरी 80 किमी है। जहां तक पहुंचने के लिए लगभग 2. 5 घंटे का समय लगता है।

रेल मार्ग- भुज यहां का सबसे नज़दीकी रेलवे स्टेशन है। यहां से भी 80 किमी का सफर तय करके ही आप कच्छ पहुंच सकते हैं। ट्रेन से यात्रा करना न सिर्फ कम्फर्ट बल्कि बजट के लिहाज से भी बेस्ट होता है।

सड़क मार्ग- कच्छ तक पहुंचने के लिए एसी, नॉन-एसी में पब्लिक और प्राइवेट हर तरह की बसें अवेलेबल हैं।आप काफी एन्जॉय करेंगे!

 

 

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